पाँच अङ्ग
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी 12:31 तक, तत्पश्चात् कृष्ण चतुर्दशी 10 सितंबर 10:33 तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा 15:14 तक, तत्पश्चात् मघा 10 सितंबर 14:05 तक
- योग
- शिव 21:53 तक, तत्पश्चात् सिद्ध 10 सितंबर 19:18 तक
- करण
- वणिज 12:31 तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा) 23:30 तक, तत्पश्चात् शकुनि 10 सितंबर 10:33 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 06:03
- सूर्यास्त
- 18:34
- चन्द्रोदय
- 10 सितंबर 05:03
- चन्द्रास्त
- 17:24
- सूर्य राशि
- सिंह
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- कर्क
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 12:18 – 13:52
- यमगण्ड
- 07:37 – 09:11
- गुलिक काल
- 10:45 – 12:18
- अभिजित् मुहूर्त
- बुधवार को अभिजित् मुहूर्त नहीं लिया जाता
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- भाद्रपद
- मास (अमान्त)
- श्रावण
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- नहीं
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।