आज धर्म में जो जीवित है, उस पर टिप्पणियाँ: परम्परा और वर्तमान का मिलन, न सजाकर, न टालकर।
मूल स्रोतों से सनातन धर्म: ‘सनातन’ और ‘धर्म’ का अर्थ क्या है, गीता और मनुस्मृति में यह शब्द-युग्म कहाँ आता है, और इसका कोई संस्थापक क्यों नहीं।