पाँच अङ्ग
- वार
- रविवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- तिथि
- शुक्ल नवमी 17:51 तक, तत्पश्चात् शुक्ल दशमी 21 सितंबर 20:01 तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा 21 सितंबर 04:35 तक, तत्पश्चात् उत्तराषाढ़ा 22 सितंबर 07:07 तक
- योग
- सौभाग्य 15:23 तक, तत्पश्चात् शोभन 21 सितंबर 16:06 तक
- करण
- कौलव 17:51 तक, तत्पश्चात् तैतिल 21 सितंबर 06:59 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 06:09
- सूर्यास्त
- 18:20
- चन्द्रोदय
- 14:34
- चन्द्रास्त
- 21 सितंबर 00:42
- सूर्य राशि
- कन्या
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- धनु
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 16:49 – 18:20
- यमगण्ड
- 12:14 – 13:46
- गुलिक काल
- 15:17 – 16:49
- अभिजित् मुहूर्त
- 11:50 – 12:39
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- भाद्रपद
- मास (अमान्त)
- भाद्रपद
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- नहीं
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।