पाँच अङ्ग
- वार
- शनिवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या 21:19 तक, तत्पश्चात् शुक्ल प्रतिपदा 11 अक्टूबर 21:31 तक
- नक्षत्र
- हस्त 21:43 तक, तत्पश्चात् चित्रा 11 अक्टूबर 22:33 तक
- योग
- ऐन्द्र 22:03 तक, तत्पश्चात् वैधृति 11 अक्टूबर 21:06 तक
- करण
- चतुष्पाद 09:24 तक, तत्पश्चात् नाग 21:19 तक, तत्पश्चात् किंस्तुघ्न 11 अक्टूबर 09:21 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 06:19
- सूर्यास्त
- 17:57
- चन्द्रोदय
- चन्द्रोदय नहीं
- चन्द्रास्त
- 17:30
- सूर्य राशि
- कन्या
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- कन्या
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 09:13 – 10:41
- यमगण्ड
- 13:35 – 15:03
- गुलिक काल
- 06:19 – 07:46
- अभिजित् मुहूर्त
- 11:45 – 12:31
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- आश्विन
- मास (अमान्त)
- भाद्रपद
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- अमावस्या
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।