पाँच अङ्ग
- वार
- सोमवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा 09:41 तक, तत्पश्चात् कृष्ण प्रतिपदा 27 अक्टूबर 07:01 तक
- नक्षत्र
- अश्विनी 17:41 तक, तत्पश्चात् भरणी 27 अक्टूबर 15:39 तक
- योग
- वज्र 14:17 तक, तत्पश्चात् सिद्धि 27 अक्टूबर 10:54 तक
- करण
- बव 09:41 तक, तत्पश्चात् बालव 20:24 तक, तत्पश्चात् कौलव 27 अक्टूबर 07:01 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 06:29
- सूर्यास्त
- 17:41
- चन्द्रोदय
- 17:39
- चन्द्रास्त
- चन्द्रास्त नहीं
- सूर्य राशि
- तुला
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- मेष
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 07:53 – 09:17
- यमगण्ड
- 10:41 – 12:05
- गुलिक काल
- 13:29 – 14:53
- अभिजित् मुहूर्त
- 11:43 – 12:27
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- आश्विन
- मास (अमान्त)
- आश्विन
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- पूर्णिमा
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।