पाँच अङ्ग
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- तिथि
- शुक्ल नवमी 19 नवंबर 07:06 तक
- नक्षत्र
- शतभिषा 19 नवंबर 06:11 तक, तत्पश्चात् पूर्वा भाद्रपद 20 नवंबर 06:57 तक
- योग
- ध्रुव 08:06 तक, तत्पश्चात् व्याघात 19 नवंबर 07:43 तक
- करण
- बालव 18:42 तक, तत्पश्चात् कौलव 19 नवंबर 07:06 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 06:46
- सूर्यास्त
- 17:26
- चन्द्रोदय
- 13:23
- चन्द्रास्त
- 19 नवंबर 01:02
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- कुम्भ
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 12:06 – 13:26
- यमगण्ड
- 08:06 – 09:26
- गुलिक काल
- 10:46 – 12:06
- अभिजित् मुहूर्त
- बुधवार को अभिजित् मुहूर्त नहीं लिया जाता
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- कार्तिक
- मास (अमान्त)
- कार्तिक
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- नहीं
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।