पाँच अङ्ग
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा 10 दिसंबर 08:46 तक
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा 21:01 तक, तत्पश्चात् मूल 10 दिसंबर 23:58 तक
- योग
- धृति 08:40 तक, तत्पश्चात् शूल 10 दिसंबर 09:25 तक
- करण
- किंस्तुघ्न 19:32 तक, तत्पश्चात् बव 10 दिसंबर 08:46 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 07:02
- सूर्यास्त
- 17:25
- चन्द्रोदय
- 07:24
- चन्द्रास्त
- 17:23
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- वृश्चिक
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 12:13 – 13:31
- यमगण्ड
- 08:20 – 09:38
- गुलिक काल
- 10:56 – 12:13
- अभिजित् मुहूर्त
- बुधवार को अभिजित् मुहूर्त नहीं लिया जाता
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमान्त)
- मार्गशीर्ष
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- नहीं
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।