पाँच अङ्ग
- वार
- रविवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- तिथि
- शुक्ल एकादशी 20:14 तक, तत्पश्चात् शुक्ल द्वादशी 21 दिसंबर 17:36 तक
- नक्षत्र
- अश्विनी 14:56 तक, तत्पश्चात् भरणी 21 दिसंबर 13:09 तक
- योग
- परिघ 08:10 तक, तत्पश्चात् शिव 21 दिसंबर 05:08 तक, तत्पश्चात् सिद्ध 22 दिसंबर 01:33 तक
- करण
- वणिज 09:18 तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा) 20:14 तक, तत्पश्चात् बव 21 दिसंबर 07:00 तक, तत्पश्चात् बालव 21 दिसंबर 17:36 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 07:09
- सूर्यास्त
- 17:28
- चन्द्रोदय
- 14:00
- चन्द्रास्त
- 21 दिसंबर 03:52
- सूर्य राशि
- धनु
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- मेष
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 16:11 – 17:28
- यमगण्ड
- 12:19 – 13:36
- गुलिक काल
- 14:53 – 16:11
- अभिजित् मुहूर्त
- 11:58 – 12:39
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमान्त)
- मार्गशीर्ष
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- एकादशी
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।