पाँच अङ्ग
- वार
- रविवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी 17:13 तक, तत्पश्चात् कृष्ण पञ्चमी 28 दिसंबर 14:58 तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा 18:05 तक, तत्पश्चात् मघा 28 दिसंबर 16:33 तक
- योग
- विष्कम्भ 20:54 तक, तत्पश्चात् प्रीति 28 दिसंबर 17:56 तक
- करण
- बालव 17:13 तक, तत्पश्चात् कौलव 28 दिसंबर 04:01 तक, तत्पश्चात् तैतिल 28 दिसंबर 14:58 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 07:12
- सूर्यास्त
- 17:32
- चन्द्रोदय
- 21:27
- चन्द्रास्त
- 09:55
- सूर्य राशि
- धनु
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- कर्क
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 16:15 – 17:32
- यमगण्ड
- 12:22 – 13:40
- गुलिक काल
- 14:57 – 16:15
- अभिजित् मुहूर्त
- 12:01 – 12:43
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- पौष
- मास (अमान्त)
- मार्गशीर्ष
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- नहीं
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।