पाँच अङ्ग
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या 8 जनवरी 01:54 तक, तत्पश्चात् शुक्ल प्रतिपदा 9 जनवरी 04:33 तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा 8 जनवरी 09:13 तक
- योग
- ध्रुव 14:27 तक, तत्पश्चात् व्याघात 8 जनवरी 15:22 तक
- करण
- चतुष्पाद 12:34 तक, तत्पश्चात् नाग 8 जनवरी 01:54 तक, तत्पश्चात् किंस्तुघ्न 8 जनवरी 15:14 तक
सूर्य और चन्द्रमा
- सूर्योदय
- 07:15
- सूर्यास्त
- 17:40
- चन्द्रोदय
- चन्द्रोदय नहीं
- चन्द्रास्त
- 17:05
- सूर्य राशि
- धनु
- चन्द्र राशि (सूर्योदय पर)
- धनु
शुभ और अशुभ काल
- राहुकाल
- 13:45 – 15:03
- यमगण्ड
- 07:15 – 08:33
- गुलिक काल
- 09:51 – 11:09
- अभिजित् मुहूर्त
- 12:06 – 12:48
मास, संवत् और पर्व
- मास (पूर्णिमान्त)
- पौष
- मास (अमान्त)
- मार्गशीर्ष
- विक्रम संवत्
- 2083
- व्रत एवं पर्व
- अमावस्या
पञ्चाङ्ग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। प्रत्येक अङ्ग सूर्योदय पर प्रचलित मान से आरम्भ होता है।
व्रत और पर्व यहाँ केवल तिथि के आधार पर दिए गए हैं। बड़े व्रतों के निर्णय में स्थानीय परम्परा और शास्त्रीय नियम भी देखे जाते हैं, इसलिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।